Saturday, May 19, 2012

मरता हे कोई हम पर भी



जिस दिन सपनो में उनका दीदार हो जाता है,
उस रात सोना दुस्वार हो जाता है,
मरता हे कोई हम पर भी,
ये सोच कर अपने आप से प्यार हो जाता है

Wednesday, February 1, 2012

मेरी जान के गोरे हाथों पे मेहँदी को लगाया होगा


आज दुल्हन के लाल जोड़े में उसे उसके सखियों ने सजाया होगा,
मेरी जान के गोरे हाथों पे मेहँदी को लगाया होगा,
बहोत गहरा चढ़ा होगा मेहँदी का रंग,
उस मेहँदी में उसने मेरे नाम छुपाया होगा.
रह-रह के रो पड़ी होगी,
जब उनको मेरा ख़याल आया होगा,
खुद को देखा होगा जब आईने में तो,
अक्स मेरा भी नज़र आया होगा,
बहुत प्यारी लग रही होगी वो,
आज देख कर उसको चाँद भी शरमाया होगा.
आज मेरी जान ने अपने माँ बाप की इज़्ज़त को बचाया होगा,
उसने बेटी होने का हर फ़र्ज़ निभाया होगा
मजबूर होगी आज वो सबसे ज़्यादा,
सोचता हूँ किस तरह उसने खुद को समझाया होगा,
अपने हाथों से हमारे खतों को जलाया होगा,
खुद को मजबूत बना कर मेरी यादों को मिटाया होगा,
भूखी होगी वो जानता हूँ मैं,
मेरे बिना उसने कुछ न खाया होगा,
कैसे संभाला होगा खुद को,
जब उसने फेरों में खुद को जलाया होगा
आज दुल्हन के लजाल जोड़े में उसे उसकी सखियों ने सजाया होगा...

मरने पे मजबूर कर देती है


ये इसक ही येशी चीज ही जो गम भर देती है,
जीने तो देती नहीं मरने पे मजबूर कर देती है.

Wednesday, January 18, 2012

हसरत है आपको पाने की


हसरत है आपको पाने की , और कोई ख्वाहिस नहीं इस दीवाने की सिकवा तुम से नहीं खुद से है, क्या जरुरत थी आपको इतना खूबसूरत बनाने की. , और कोई ख्वाहिस नहीं इस दीवाने की सिकवा तुम से नहीं खुद से है, क्या जरुरत थी आपको इतना खूबसूरत बनाने की.

Tuesday, January 17, 2012

न जाने कब होगा उस चाँद का दीदार


जब से समझा क्या हैं ये प्यार, करने लगे तबसे किसी का इंतज़ार. मांगने लगे उन्हें दुआओं में रब से, न जाने कब होगा उस चाँद का दीदार.

कमी महसूस होती है दूर जाने के बाद.


कोई निकलता है कोई दिल में बस जाने के बाद,
दर्द कितना होता है बिछड़ जाने के बाद.
जो पास होता है उसकी कद्र नही होती,
कमी महसूस होती है दूर जाने के बाद.

Tuesday, January 10, 2012

दिल से कोसिस की उसका नाम मिटाने की



फिर से ये मायूस अंधेरा छटने लगा तो अच्छा लगा,
ध्यान उनकी यादों से हटकर बटने लगा तो अच्छा लगा,
यु तो तैरने को बहुत हाथ पाँव मरे हमने,,,,,,
जब समंदर का पानी खुद ब खुद हटने लगा तो अच्छा लगा...
जो शख्स कहकर गए थे कि नफरत ह मुझसे
आज वही मेरा नाम रटने लगे तो अच्छा लगा,
दिल से कोसिस की उसका नाम मिटाने की,
ये नाम खुद ही मिटने लगा तो अच्छा लगा,
मोहब्बत का तूफान मुझे उडाता रहा यहाँ वहाँ,
ये तूफान मेरी बाँहों में सिमटने लगा तो अच्छा लगा
जिसकी वजह से आज मैं जलने को तैयार हूँ,
मेरी अर्थी से वो रोकर लिपटने लगी तो अच्छा लगा,
कोसिस नाकाम रही मैं फिर से जी सकू,
उसके छूने से साँस अटकने लगी तो अच्छा लगा.

तुझे खोना भी मुश्कील है, तुझे पाना भी मुश्कील है !

तुझे खोना भी मुश्कील है, तुझे पाना भी मुश्कील है. जरा सी बात पर आंखें भीगो के बैठ जाते हो, तुझे अब अपने दील का हाल बताना भी मुश्किल है...